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  • Pankaj Saini
  • February 21, 2020 11:33:52 AM
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The Fit Buddy is a Health and fitness blogger, they post regular regular content which are important for staying fit and healthy. Most of the posts are from there native language.

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Walk Karne Ke Fayde! वॉक करने के फायदे!

  Walk Karne Ke Fayde! वॉक करने के फायदे! आप भले ही व्यायाम करने ना करे लेकिन रोज वॉक पर तो जाते ही होंगे, क्यूंकी यह सेहतमंद रहने का सबसे आसान और बढ़िया तरीका है। टहलने के लिए जा रहे है तो आपको किसी भी...

 

Walk Karne Ke Fayde! वॉक करने के फायदे!

आप भले ही व्यायाम करने ना करे लेकिन रोज वॉक पर तो जाते ही होंगे, क्यूंकी यह सेहतमंद रहने का सबसे आसान और बढ़िया तरीका है। टहलने के लिए जा रहे है तो आपको किसी भी अतिरिक्त उपकरण या विशेष प्रशिक्षकों की आवश्यकता नहीं है और यह आप पहले से ही स्वाभाविक रूप से करते आ  रहे  हैं,” Matt Darnell, पीएचडी, आरडी, सहायक प्रोफेसर और पिट्सबर्ग मेडिकल सेंटर के विश्वविद्यालय में स्नातक खेल विज्ञान कार्यक्रम के निदेशक कहते हैं ,

“एक रिसर्च से यह पता लगा ह की वॉक करना सेहतमंद रहने का एक सबसे आसान व कारगर तरीका है “।

पैदल चलना शारीरिक और मानसिक दोनों स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।

वॉक करने के लाभ हमने इस चित्र के माध्यम से समझाया है। कृपया इस चित्र को ध्यान से पढ़े ।

Immunity in Hindi । इम्यूनिटी कैसे बढ़ाए?

walk karne ke fayde
Walk Karne ke Fayde

तो वॉक कैसे शुरू करें

सबसे पहले आप

सही जूते पहनें

जब आप अपने जूतों को फीता लगाते हैं, तो सुनिश्चित करें कि वे अच्छी तरह से फिटिंग, आरामदायक चलने-विशिष्ट जूते हैं, डार्नेल  भी यही सलाह देते हैं। वे आगे कहते हैं, “जूते की एक अच्छी जोड़ी आपको बेहतर कदम बढ़ाने में मदद करेगी, छाले की संभावना को कम करेगी और अपने पैरों, घुटनों और पीठ के निचले हिस्से से कुछ तनाव से भी बचाएंगे।

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वॉक करते समए तेज गति बनाए रखें

ज्यादा गति अधिक कैलोरी जलाती  है एक आम व सामान्य गति की तुलना मे , स्वस्थ रहने के लिए आपको अपनी कैलोरी पर भी ध्यान देना चाहिए ,  Elroy Aguiar, पीएचडी, अमेरिकन कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन के सदस्य और अलबामा  विश्वविद्यालय में व्यायाम विज्ञान के सहायक प्रोफेसर कहते हैं । “एक 1 मिनट की अवधि में अपने कदम गिनती सुनिश्चित करें कि आप प्रति मिनट कम से १०० कदम चल रहे है (प्रति मिनट १३० कदम प्रति मिनट के लिए गति बढ़ाने के लक्ष्य के साथ)”

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सहनशक्ति का निर्माण करें

अमेरिकन कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन  के अनुसार, व्यक्तियों को प्रति दिन कम से कम 30 मिनट मध्यम तीव्रता वाले व्यायाम या प्रति सप्ताह 150 मिनट में भाग लेने का लक्ष्य रखना चाहिए। यदि यह पहली बार में कठिन लगता है, चिंता मत करो । आपको शायद वो कहावत तो याद होगी की slow and steady wins the race तो आप धीरे धीरे अभ्यास करते रहे व ब्रिस्क वॉक करने की आदत डाल्ट रहें ।

“प्रति सप्ताह 30 मिनट तीन बार चलने और वहां से निर्माण से शुरू करो.” यदि  वजन घटाने का लक्ष्य है,तो आप प्रति सप्ताह 200-300 मिनट (प्रति सप्ताह एक घंटे की पैदल दूरी 4-5 दिन) का निर्माण जारी रखना चाहते हैं।

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अपना वॉक करने का इलाका बदलते रहें

एक ही मार्ग से चिपके रहना एक आम चलने की गलती है क्योंकि समय के साथ आपका शरीर अनुकूलित होता है और यह उतना चुनौतीपूर्ण नहीं होगा। वजन घटाने को बढ़ावा देने के लिए (और चीजों को रोमांचक रखने के लिए) के लिए प्रति सप्ताह दिन के दृश्यों में भिंन करने का लक्ष्य रखें । उदाहरण के लिए, एक  पहाड़ी निशान की कोशिश करें, समुद्र तटपर चलें, एक नए पार्क का पता लगाएं या शहरी वृद्धि करें।

यह आपकी प्रेरणा को बढ़ा देता है और आपको  मानसिक रूप से ताजा रखता है, जबकि साथ ही अधिक कैलोरी जलाने के लिए विभिन्न मांसपेशी समूहों को उलझाने मे भी सहायता करता है ।

एक पैदल कार्यक्रम का पालन करें

चाहे आपका लक्ष्य वजन कम करना हो, अपने शरीर को टोन करना, पेट की चर्बी को कम करना या अपने पहले जैसे लुक को वापस पान, आप एक सारणी बनाए और उसका अच्छे से पालन करें, अपने आप से द्रढ़ संकल्प करें तो आप अपने लक्ष्यों को हंसिल कर सकेंगे।

Disclaimer

सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय के लिए एक विकल्प नहीं है । हमेशा अधिक जानकारी के लिए किसी विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर से परामर्श करें। The Fit Buddy इस जानकारी की जिम्मेदारी नहीं लेता है।

Walk Karne Ke Fayde! Walk करने के फायदे!  Walk Karne Ke Fayde! Walk करने के फायदे! 

Walk Karne Ke Fayde! Walk करने के फायदे!

 


Immunity in Hindi । इम्यूनिटी कैसे बढ़ाए?

Immunity in Hindi आज हम आपको immunity in Hindi में आपको बताएंगे कि immunity क्या होती है अगर आपकी प्रतिरोधक क्षमता कम है तो इसे कैसे बढ़ाते है । इम्यूनिटी को बूस्ट करने का काढ़ा कैसे बनता है । ओर immunity बढ़ाने वाले फल कौन से है...

Immunity in Hindi

आज हम आपको immunity in Hindi में आपको बताएंगे कि immunity क्या होती है अगर आपकी प्रतिरोधक क्षमता कम है तो इसे कैसे बढ़ाते है । इम्यूनिटी को बूस्ट करने का काढ़ा कैसे बनता है । ओर immunity बढ़ाने वाले फल कौन से है जो आपको खाने चाहिए ओर सब्जी कौन-कौन सी है । ओर सबसे जरूरी एक्सर्साइज़ कौन सी है । तो आइए सबसे पहले जानते है कि आखिर इम्यूनिटी होती क्या है।

Immunity in Hindi
Immunity in Hindi

Immunity क्या है?

immunity यानी कि रोग प्रतिरोधक क्षमता हमारी एक एसी पावर है जो हमें बीमारियों से लड़ने की ताकत देती है । अपने अकसर यह तो देखा होगा की बच्चों ओर ज्यादा उम्र के लोग जल्दी बीमार पड़ते है ओर ठीक भी देर से होते है असल में बच्चों ओर ज्यादा उम्र के लोगों में  इम्यूनिटी  की पावर कम होती है लेकिन वही पावर मीडियम उम्र का लोगों में अच्छी होती है ।

इम्यूनिटी  को आप ऐसे समझे जैसे आप अपने कम्प्यूटर को वाइरस से बचाने के लिए उमसे एंटी वाइरस डालते है ओर अगर नहीं डालते तो आपके कम्प्यूटर में वाइरस आ जाते है ।उस एंटी वाइरस की तरह ही हमारे अंदर पावर होती है जिसे immunity कहा जाता है । मोटापे से ग्रस्त लोगों को अपने देखा होगा की उन्हें कोई न कोई बीमारी घेर लेती है उनमें   इम्यूनिटी   के पावर कम होती है ।

अगर आप के अंदर भी immunity की पावर कम है । तो आपको रोगों से लड़ने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है ।

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इम्यूनिटी   को आप बढ़ा सकते है पर आपको अपने खान पान पर ध्यान देने की जरूरत होती है । तो आइए जानते है immunity बढ़ाने वाले कुछ फल ।

संतरा 

संतरा आपकी immunity को बढ़ाने के लिए बहुत ही लाभकारी फल है इसमें vitamin सी के साथ vitamin b6 ओर मैग्नीज़ीअम भी पाया जाता है । यह हमारे ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रण में रखने में सहायक होता है । इसमें लो कैलोरी होती है ओर फाइबर की मात्रा अच्छी होती है । इममुनिटी बढ़ाने के लिए आप इसका जूस भी पी सकते है पर इसमें अलग से शुगर का इस्तेमाल न करें ।

Immunity in Hindi
Immunity in Hindi

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नींबू 

नींबू भी हमारी immunity के लिए बहुत लाभकारी होता है । ये हमें बैक्टीर्याल इन्फेक्शन के साथ-साथ कई प्रकार की वाइरस से भी बचाता है । ये हमारे शरीर को इंस्टेंट एनर्जी देता है । गरम पानी में इसका रस निचोड़ का पीना चाहिए । ये हमारी बॉडी डिटोक्स करने का कम भी करता है । इममुनिटी बेहतर करने के लिए नींबू का सेवन करने का सुझाव देते है ।

Immunity in Hindi
Immunity in Hindi  

 

कीवी

कीवी के बारे में कौन नहीं जनता यह फलों में सबसे अच्छा होता है पर यह थोड़ा महंगा जरूर होता है पर इसमें विटामिन ओर मिनरल्स की भरपुर मात्रा होती है । इसमें विटामिन सी की मात्रा होती है ओर कोपर फाइबर का अच्छा स्त्रोत्र होता है । यह आपकी नींद न आने के समस्या को भी ठीक कर देता है । आप इसे जरूर लें ओर इसका सेवन करें ।

Immunity in Hindi

 

पपीता  

 

पपीता भी immunity बढ़ाने के लिए अच्छा है। यह विटामिन सी से भरपूर होता है । जितनी हमारे शरीर की हर रोज की जरूरत होती है वह पपीता पूरी कर देता है । इसमें फाइबर ओर एंटीओक्सीडेंट होते है । इसके सेवन से पाचन क्रिया को भी लाभ होता है ओर रोगों से आपको बचाता है ।

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Immunity in Hindi

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तरबूज

जैसा की आप जानते है की तरबूज में पानी की मात्रा अच्छी होती है ओर इसे खाने से आपको वजन कम करने में सहायता मिलती है क्योंकि इसमें कैलोरी कम होती है जिसे खाने से आपका वजन नियंत्रित रहता है । आप इसे खा भी सकते है या इसका जूस भी निकाल कर पी सकते है पर इसमें आप शुगर का अलग से use न करें । यह आपकी immunity को स्ट्रॉंग बनाता है । यह एंटीओक्सीडेंट होता है ओर विटामिन सी के साथ विटामिन b6 ओर विटामिन डी भी पाया जाता है ।

यह हमारे bp को भी control करता है ।

Immunity in Hindi

 

आमला

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इसमें विटामिन सी की मात्रा बहुत अधिक होती है आपको रोज अमले का सेवन करना चाहिए या इसका जूस भी आप पी सकते है यह आपकी immunity को बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा है ।

Immunity in Hindi

 

ये तो अपने immunity को स्ट्रॉंग करने के लिए कुछ फलों के बारें में बताया पर आपको अब हम 2 प्रकार का काढ़ा बनाना सिखाएंगे जो आपकी immunity को boost कर देगा तो आइए जानते है । ये कैसे बनाता है ।

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हर्बल चाय

हर्बल चाय है तो ये एक काढ़ा ही पर आप इसे हर्बल चाय के रूप में ले सकते है । इसके लिए आपको शहद,पानी या दूध, हल्दी,अदरक ओर दालचीनी की जरूरत होगी जो आपको घर पर आसानी से मिल जाती है । इन सबको आप दूध में डालकर भी ले सकते है ।

Immunity in Hindi
Immunity in Hindi

 

  • सबसे पहले आप पानी को उबालें ।
  •  फिर अदरक को पीस लें ।
  •  दालचीनी के छोटे टुकड़े कर लें । फिर आप हल्दी, दालचीनी, अदरक को पानी या दूध में दल कर उबालें ।
  • बाद में आप शुगर की जगह इसमें शहद का इस्तेमाल करें । बस हर्बल टी तैयार है । आप इसे अब पी सकते है ।

 

काढ़ा

दूसरा है काढ़ा यह भी आपकी immunity को बूस्ट करने में बहुत सक्षम है। इसके लिए आपको चाहिए होगा । काली मिर्च, दालचीनी, अश्वगंधा, इलायची, तुलसी, गिलोय की बेल।  तो आइए जानते है काढ़ा बनाने का तरीका ।

Immunity in Hindi

 

  • सबसे पहले आप पानी को उबाल लें ।
  • इसके बाद यह सब छीजे आप पीस ले या इन्हें बारीक कूट लें ।
  • आपको उबलते हुए पानी में ये सब दल सकते है ।
  • मिठास के लिए आप शहद का use कर सकते है ।

 

इसके अलावा हमारी बॉडी को प्रोटीन के भी जरूरत होती है। प्रोटीन हमारे लिए बहुत जरूरी  है।

प्रोटीन के लिए आप अपने खाने में हाई प्रोटीन वाले food का use करें । जैसे –

Immunity in HIndi
Immunity in Hindi

 

  • अंडा
  • दूध
  • पनीर
  • मांस
  • मूंगफली
  • बादाम
  • काजू
  • अखरोट

आदि को शामिल कर सकते हैं ।

हल्दी वाला दूध 

इममुनिटी को बढ़ाने के लिए आप हल्दी वाले दूध का सेवन करें ये आपके लिए बहुत ही लाभकारी होगा । ये आपकी कम हो चुकी immunity बढ़ाने के लिए बहुत लाभकारी होता है । इसे बनाने के लिए आपको बिना पीसी हल्दी का उपयोग करना चाहिए इससे आपको बाजार में मिलने वाली पीसी हुई हल्दी से ज्यादा फायदा होगा आप इसे पीस कर दूध में दल लीजिये ओर मिठास के लिए आप चीनी की जगह शहद का इस्तेमाल करें ।

Haldi ke Fayde हल्दी के फायदे

immunity बढ़ाने के लिए आपको योग भी करने चाहिए एक्सर्साइज़ भी इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए अति आवश्यक होती है चलिये जानते है कुछ योगासन के बारें में ।

Immunity in Hindi
Immunity in Hindi

 

कपालभाती  प्राणायाम

यह एक एसी योग है जो की कोई भी कर सकता है हर एक उम्र के लोग इसे कर सकते है यह हमारी immunity को बढ़ाने के लिए बहुत लाभकारी है ओर जब कोरोना जैसी महामारी हो जो आपके फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है । इसके लिए यह योग बहुत अच्छा है क्योंकि यह आपके फेफड़ों को मजबूत बनाता है यह आपको 10-15 मिनट तक हर रोज करनी चाहिए ।

Kapalbhati
Source Flikr
 immunity in Hindi

 

अनुलोम विलोम 

यह योग भी आपके लिए बहुत लाभकारी है । ये योग भी आपकी immunity को स्ट्रॉंग बनती है । यह हमारे फेफड़ों के लिए बहुत ही लाभकारी है ।यह भी आपको 10-15 मिनट तक रोज करनी चाहिए ।

Anulom Vilom
source Wikipedia
Immunity in Hindi

 

त्रिकोण आसन 

यह भी आपकी इम्यूनिटी को स्ट्रॉंग करता है । यह करना बहुत ही सरल है । आप इसे नियमित रूप से करें ।

तो आपकी immunity जरूर स्ट्रॉंग होगी ।

Trikonasana
Immunity in Hindi

 

 

भुजंगासन 

भुजंगासन भी आपकी immunity के लिए अच्छा है । यह सूर्य नमस्कार का ही एक आसान है । इसे कोबरा पोज भी कहा जाता है ।यह  सांस की बीमारी ओर हमारी पूरी बॉडी के लिए लाभदायक है।

Bhujangasana
Immunity in Hindi

 

लंबा सांस अंदर रोकना 

यह भी एक अच्छा योग है । आप जब लंबे तक सांस अंदर रखते है तो इस अभ्यास से आपके फेफड़े मजबूत होते है आप जितनी देर तक सांस अंदर रखेंगे उतनी आपकी   इम्यूनिटी   स्ट्रॉंग होगी । धीरे -धीरे आप कम समय से लंबे समय तक सांस रोक पायेंगे ।

Immunity in Hindi
Immunity in Hindi

 

अगर आप ये आसान हर रोज करते है तो आपकी इममुनिटी स्ट्रॉंग बनेगी । 

इसके साथ ही आपको immunity बढ़ाने के लिए अपने खान पान पर भी ध्यान देना होगा । आपको तली हुई चीजें, फास्ट फूड, मैदे से बने पदार्थ , धूम्रपान आदि को छोड़ना होगा ।अगर आपको जानकारी पसंद आयी हो तो अपने विचार हमें कॉमेंट में बता सकते है ।

 

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What is a Heart Murmur?

The heart murmur is a heartbeat-like noise heard on auscultation of the heart. This sound — often described in medical manuals as whistling, grating, or harsh — sometimes reflects a flow of blood circulating abnormally through the heart. The heartbeat of a healthy heart is described by two sounds, the common onomatopoeias of which are “lub” (first sound) … What is a Heart Murmur? Read More...

The heart murmur is a heartbeat-like noise heard on auscultation of the heart. This sound — often described in medical manuals as whistling, grating, or harsh — sometimes reflects a flow of blood circulating abnormally through the heart.

The heartbeat of a healthy heart is described by two sounds, the common onomatopoeias of which are “lub” (first sound) and “dub” (second sound). These sounds correspond to the openings and closings of the heart valves.

Types of heart murmurs

Not all abnormal heart sounds are clinically significant. These types of murmurs, called functional murmurs or innocent murmurs, are common in children. Harmless in nature, do not require treatment and usually disappear as adults.

Other heart murmurs may be symptoms of a more serious heart problem, indicating that one of the heart’s blood vessels has narrowed or that a heart valve is damaged. It can also mean that the heart is making an excessive effort, or that there is a hole in the septum that divides the left part of the heart, or that there are alterations in the implantation of the vessels that flow into or leave the heart.

Puffs on pregnant women, children and the elderly

Normally, pregnant women have harmless heart murmurs caused by the abnormal increase in the speed of blood flow.

These types of murmurs are also frequent in young and old children as a normal part of their development. These noises are usually due to how quickly blood passes through the heart’s structures. Most of the murmurs are habitual and harmless and do not pose any danger to the child’s health.

They are also common in older people because of the hardening of the blood vessel walls, valves, and other tissues that occurs with ageing.

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Causes that cause a heart murmur

The heart can make abnormal noises due to:

  •  Valve malfunction may be due to various valve diseases, as a consequence of rheumatic fever or the presence of atherosclerosis, which usually affects the aortic valve in particular.
  • An abnormal communication between two chambers, mainly between two atria or between two ventricles, due to congenital heart disease.
  • The arteriosclerosis, besides affecting the heart valves can damage arteries, narrowing them and producing turbulence in the normal abnormal blood flow, and emitting a rhythmic hiss in the arteries.
  • Various processes such as having hypertension, pregnancy, anaemia, fever, or an overactive thyroid gland.
  • Congenital disorders, both of the structure of the muscle and cavities, and of the arteries and veins connected to the heart.

Symptoms of a heart murmur

Functional, innocent murmurs or those with mild pathology have no symptoms. They are often a chance to find.

Murmurs that reflect significant congenital heart disease even affect growth, greatly limit exercise capacity and the presence of a bluish discolouration of the lips or fingertips (called cyanosis) may appear.

The murmurs can be discovered during a medical examination due to other symptoms, often not related to them, such as in the study of chest pain, shortness of breath or palpitations.

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heart murmur
heart murmur

Diagnosis of heart murmurs

To detect an intermittent heart murmur, the doctor will perform cardiac auscultation using a stethoscope that you will place on your chest and back so you can hear your heartbeat. Because the murmurs change according to the position of the body or the breathing, the normal thing is that they listen to you stretched and ask you to take a deep breath or hold your breath while the doctor listens to the heart.

If the doctor finds an abnormal murmur, he will indicate the performance of other diagnostic tests, such as:

  • Echocardiography. This test will allow to investigate the functioning of the valves, the movement of the heart wall and its size, and to determine if the abnormal murmur is due to valve disease.
  • An electrocardiogram or (ECG) to locate heartbeat irregularities ( arrhythmia ) or check if the heart is enlarged.
  • A study consisting of inhaling a medicine (amyl nitrate) that momentarily alters blood pressure and heart rate, and will help determine what type of heart murmur is involved.

Treatment of heart murmurs

Functional heart murmurs generally do not need any treatment. But if the murmur is associated with a latent disease such as high blood pressure, it will be necessary to treat that disease. If the heart murmur is due to valvular disease or other heart defects, it may require administration of medications or surgical intervention.

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Why have a scheduled caesarean section

Elective scheduled caesarean section – when performed at the mother’s request even though there is no medical reason warranting the caesarean section – is somewhat controversial, but you can request it. 

The American College of Obstetrics and Gynecology (ACOG) and the World Health Organization (WHO) recommend that natural childbirth be the first option to bring a baby into the world, yet 32.2% of births in the United States they are given by caesarean section, and at least 18% of them are elective. In Latin America, those numbers are much higher. The reasons behind this trend range from simple convenience to phobia of labor. Whatever your reason, consider the risks, benefits, and medical recommendations before making your decision.

When can you have an elective scheduled caesarean section?

An elective caesarean section can be performed after 39 weeks of pregnancy, according to ACOG recommendations. This measure prevents the premature birth of a baby and related complications due to lag in the calculation of gestational age.

Disadvantages of an elective caesarean section

    • Cesarean delivery increases your risk of complications in future pregnancies, such as placenta previa, placenta accreta, uterine tear, injury to the bladder or intestines, and end up requiring a hysterectomy. The greater the number of caesarean sections, the greater the risk of complications in the future.
    • A C-section is major surgery, and as such requires you to stay in the hospital longer. In the United States, the average length of stay is two days after a vaginal delivery and four days after cesarean delivery.
    • Your baby may also require a long hospital stay and observation in the neonatal intensive care unit.
    • The rate of initiation of breastfeeding is lower in mothers who deliver by cesarean section.
    • Babies born by cesarean section are more likely to have respiratory complications, such as tachypnea, pulmonary hypertension, and respiratory distress syndrome.
    • Recovery is more painful and prolonged. You also have an increased risk of infections, cardiorespiratory arrest, complications from anesthesia, and deep vein thrombosis.

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Advantage

  • A scheduled caesarean section can prevent risks related to emergency procedures, such as infections, problems with anesthesia, injury to the baby, or damage to maternal organs.
  • Lower risk of postpartum hemorrhage and the need for blood transfusion in the mother.
  • Mothers who deliver by cesarean section experience less urinary incontinence in the first year after delivery.
  • Cesarean section minimizes the risk of sexual dysfunction during the first three months postpartum.
  • A scheduled caesarean section reduces the anxiety, uncertainty, and fear that vaginal labor and delivery can create.
  • The benefits to the baby include a lower fetal mortality rate and lower risk of suffocation, fetal distress, infection, and injury during birth.

Recommendations

According to ACOG, an elective scheduled caesarean section can be performed as long as it is done after 39 weeks of pregnancy, and the mother’s request is not motivated by the lack of information about pain management options during labor. Also, elective caesarean section is not recommended for women who want to have more children, since the risk of complications increases with each caesarean section.

The WHO is firm in its position: “caesarean section should be performed only when medically necessary”; however, it also admits that the decision must be made according to the specific case. From a medical point of view, your healthcare provider should advise you based on:

  • Your age and associated risks
  • Number of previous and desired pregnancies in the future
  • Your general health, physical condition and body mass index.
  • The use of assisted reproductive technologies
  • Fetal development and your pregnancy
  •  An active role in the process offers psychological benefits. On the other hand, the need to feel in control of the process is more important for other mothers.
  • Financial considerations and physician coverage.
  • Attitude and experience of the medical team. If you do not feel well informed and supported in your decision, look for better options for your care.

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Haldi ke Fayde हल्दी के फायदे

Haldi ke Fayde हल्दी के फायदे भारतीय होने के नाते हल्दी से हमारा एक पुराना नाता है। हल्दी हमारे घरों मे खाने मे उपयोग की जाती है। मुझे आज भी याद है जब भी मैं कभी बीमार पढ़ जाता था तो मेरी मा मुझे हल्दी...

Haldi ke Fayde हल्दी के फायदे

भारतीय होने के नाते हल्दी से हमारा एक पुराना नाता है। हल्दी हमारे घरों मे खाने मे उपयोग की जाती है। मुझे आज भी याद है जब भी मैं कभी बीमार पढ़ जाता था तो मेरी मा मुझे हल्दी वाला गूढ बनाकर पिलाती थी, और उसे पी कर मुझे अच्छा भी महसूस होता था। तो आज मैं आपको हल्दी के कुछ चमत्कारी फायदे बताऊँगा।

हल्दी एंटी इंफलमटोरी है: हल्दी में करक्यूमिन होता है, एक शक्तिशाली

एंटी इंफलमटोरी, जो स्वस्थ सूजन प्रतिक्रियाओं को बनाए रखने में मदद करता है।

डॉक्टरों का मानना है कि यह सूजन एक साइलेंट किलर है, क्योंकि यह शरीर को हृदय रोग, कैंसर, अल्जाइमर, और यहां तक कि मोटापा जैसी बीमारियों के लिए सही मेजबान बनने के लिए सेट करता है।

यही कारण है कि आप सूजन को नीचे लाने के लिए सब कुछ करना चाहते हैं, जिसमें विशिष्ट मसालों (हल्दी की तरह) और सूजन प्रतिक्रियाओं से लड़ने के लिए जाने जाने वाले जड़ी बूटियों के साथ अधिक असंसाधित पूरी सब्जियां और फल खाना शामिल है।

हल्दी के मुख्य विरोधी भड़काऊ घटकों में से एक को करक्यूमिन कहा जाता है, जिसे एक वैज्ञानिक अध्ययन शरीर में सूजन को कम करने मेंकुछ ओवर-द-काउंटर दवाओं के रूप में प्रभावी पायागया। शोधकर्ताओं ने वास्तव में पाया कि एस्पिरिन और ibuprofen (Advil में सक्रिय घटक) विरोधी भड़काऊ यौगिकों वे अध्ययन के सभी से बाहर सबसे कम प्रभावी थे ।

Vitamin B12 Health Benefits in Hindi | विटामिन B12 के स्वास्थ्य लाभ

हल्दी स्वस्थ जोड़ों का समर्थन करता है: समग्र संयुक्त स्वास्थ्य और गतिशीलता को बढ़ावा देने में फायदेमंद।

चूंकि हल्दी में करक्यूमिन एक विरोधी भड़काऊ है, इसलिए यह जोड़ों को लाभ पहुंचा सकता है और उन्हें सूजन और सूजन होने से रखने में मदद कर सकता है। यह एक वैज्ञानिक अध्ययन में रूमेटॉयड गठिया रोगियों पर प्रदर्शन किया गया था । रूमेटॉयड आर्थराइटिस (आरए) एक पुरानी भड़काऊ विकार है जो जोड़ों में दर्दनाक सूजन का कारण बनता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि 500 मिलीग्राम दैनिक करक्यूमिन  आरए रोगियों को दिए जाने पर प्रिस्क्रिप्शन दवा डाइक्लोफेनेक की तुलना में अधिक प्रभावी था।

जब आपके जोड़ों के लिए हल्दी लेने की बात आती है, तो यह सबसे प्रभावी दिखाया गया था जब लक्षणों से पहले लिया गया था, आपके जोड़ों को स्वस्थ, दर्द मुक्त और मोबाइल रखने के लिए एक निवारक उपाय के रूप में। लेकिन कुछ अध्ययनों से पता चला है कि यह ऑस्टियोआर्थराइटिस (संयुक्त की एक अपक्षयी बीमारी) के इलाज में मदद कर सकता है।

 

हल्दी हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है: गुण हृदय प्रणाली के समग्र स्वास्थ्य का समर्थन करते हैं।

शरीर में कई जीवनशैली कारक और स्थितियां हैं जो हृदय रोग का नेतृत्व कर सकती हैं – जो दुनिया में मृत्यु का बड़ा कारण है। जैसा कि पहले चर्चा की गई है, पुरानी सूजन हृदय रोग में एक प्रमुख भूमिका निभाती है, इसलिए हल्दी को विरोधी भड़काऊ के रूप में लेने से हृदय रोग और दिल के दौरे को रोकने में मदद मिल सकती है।

करक्यूमिन के सबसे दिलचस्प लाभों में से एक यह है कि यह रक्त वाहिकाओं (एंडोथेलियम के रूप में जाना जाता है) की परत में कैसे सुधार कर सकता है। जब एंडोथेलियम ठीक से काम नहीं कर रहा है, यह ठीक से रक्तचाप और थक्के को विनियमित नहीं कर सकते हैं, जो हृदय रोग के लिए नेतृत्व कर सकते हैं।

हम सब सुना है कि व्यायाम दिल के लिए अच्छा है, है ना? एक अध्ययन से पता चला है कि करक्यूमिन लेनावैस्कुलर एंडोथेलियल फ़ंक्शन में सुधार करने में एरोबिक व्यायाम जितना प्रभावी है।

 Barley in Hindi | जौ के फायदे

हल्दी स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रोत्साहित करती है।

 उच्च कोलेस्ट्रॉल ऑक्सीडेटिव तनाव के कारण जाना जाताहै, पुरानी सूजन और उच्च रक्त शर्करा द्वारा शरीर पर लाया जाता है। इसलिए, फिर से, शरीर में सूजन को कम करना स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को समर्थन देता है।

एक अध्ययन में ऑक्सीडेटिव तनाव के सूजन और मार्कर में कमी करने में एंडोथेलियल डिसफंक्शन पर पर्चे दवा लिपिटर के बराबर करक्यूमिन पायागया । एक पूर्व पशु अध्ययन शरीर पर इसी तरह के परिणाम दिखाया ।

मानव स्वयंसेवकों के एक अध्ययन में पाया गया कि दैनिक करक्यूमिन के ५०० मिलीग्राम लेने ११.६३% द्वारा अपने कुल कोलेस्ट्रॉल गिरादिया, जबकि उनके HDL (“अच्छा” कोलेस्ट्रॉल) सिर्फ 7 दिनों में 29% तक चला गया ।

haldi ke fayde
haldi ke fayde

हल्दी तनाव सहनशीलता को बढ़ा देता है: एक एडाप्टोजन के रूप में, यह शरीर पर रोजमर्रा के तनाव के प्रतिकूल प्रभावों का प्रतिकार करने में मदद करता है।

यदि आपको थकान या तनाव महसूस हो रहा है तो  हर्बल दवा में, कुछ वनस्पतिविज्ञान को “एडाप्टोजेन” कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि उनमें अधिवृक्क ग्रंथियों से तनाव हार्मोन की रिहाई को मिलाना करने की क्षमता है। यह आपको शारीरिक और भावनात्मक तनाव के लिए बेहतर अनुकूल बनाने में मदद कर सकता है और आपके रास्ते में आने वाली किसी भी चीज के लिए अधिक लचीला हो सकता है। ये आपके हार्मोन्स को संतुलित रखने में भी मदद करते हैं।

हल्दी में करक्यूमिन एक ज्ञात एडाप्टोजन है जो शरीर में तनाव हार्मोन के स्राव को कम करने की क्षमता रखता है । 2011 में, भारत में शोधकर्ताओं ने पाया कि हल्दी में कई एडाप्टोजेनिक गुण थे जो शरीर के वजन, स्मृति, रक्त शर्करा और इसके अलावा मददकरते हैं कि यह शरीर को स्वस्थ तनाव हार्मोन के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है।

 

हल्दी वजन घटाने का समर्थन करती है: करक्यूमिन अधिक वजन वाले लोगों में वजन प्रबंधन को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

ऊंचा तनाव अचानक वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है। जब तनाव हार्मोन (कोर्टिसोल) अजीब से बाहर निकलते हैं, तो पेट के पास वसा जमा हो जाता हैक्योंकि पेट में कोशिकाएं कोर्टिसोल के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं, और ऊर्जा भंडारण में बहुत प्रभावी होती हैं।

हल्दी के रूप में आप अपने तनाव हार्मोन संतुलन में मदद कर सकते हैं, यह मदद कर सकते है कि अतिरिक्त अतिरिक्त टायर अपनी कमर के आसपास बनाने से रोकने के। करक्यूमिन में भड़काऊ विरोधी गुण मोटापे से लड़ने में भी सक्षम हैं। एक अध्ययन में वास्तव में पाया गया कि करक्यूमिन लेने से वसा कोशिकाओं की वृद्धि कम हो सकती है! 

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हल्दी स्वस्थ चयापचय का समर्थन करता है: सामान्य रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है।

हल्दी का उपयोग वर्षों से आयुर्वेदिक और पारंपरिक चीनी चिकित्सा में मधुमेह के इलाज के लिए किया जातारहा है । वैज्ञानिक अध्ययनों की 2013 की समीक्षा में पाया गया कि करक्यूमिन रक्त में ग्लूकोज के स्तर को स्थिर करता हैऔर मधुमेह से संबंधित जटिलताओं में भी मदद करता है। एक अध्ययन में, टाइप 2 मधुमेह के साथ १०० अधिक वजन वाले लोगों को या तो ३०० मिलीग्राम करक्यूमिन या 12 सप्ताह के लिए एक प्लेसबो लिया । शोधकर्ताओं ने पाया कि करक्यूमिन लेने वालों में उपवास रक्त ग्लूकोज काफी कम था।

वहां का वादा करक्यूमिन सुझाव अनुसंधान उच्च जोखिम वाले लोगों में मधुमेह के विकास के जोखिम को भी कम कर सकते हैं । एक २०१२ अध्ययन में, सभी प्रतिभागियों को जो 9 महीने के लिए curcumin निकालने लिया मधुमेह(24)विकसित नहींकिया, हालांकि वे पूर्व मधुमेह थे । जबकि प्रीडायबिटिक प्रतिभागियों के 16% जो एक प्लेसबो लिया 9 महीने के बाद मधुमेह का विकास किया ।

 

हल्दी जीवन शक्ति का अनुकूलन करता है: इसके शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर में अतिरिक्त मुक्त कणों से लड़ते हैं जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं और स्वास्थ्य को कम कर सकते हैं।

एंटीऑक्सीडेंट – मुक्त कण शरीर में जो कैंसर, न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग और अन्य विकारों का कारण बन सकते हैं। संसाधित “मृत” खाद्य पदार्थ है कि हमारे आहार में अपना रास्ता रेंगना के सभी के साथ। हम सब हमारे जीवन में एंटीऑक्सीडेंट के अधिक उपयोग कर सकते हैं! हल्दी में करक्यूमिन एक शक्तिशाली एंटी ऑक्सीडेंट है।

इससे भी बेहतर, करक्यूमिन में विशेष है कि यह आपके शरीर में एंटीऑक्सीडेंट एंजाइमों को बढ़ावा देने के लिए दिखाया गया है, जिससे आपको और भी अधिक लाभ मिल सकता है।

हल्दी मस्तिष्क स्वास्थ्य का समर्थन करता है: स्वस्थ संज्ञानात्मक कार्य और काम स्मृति को बनाए रखने में मदद करता है।

करक्यूमिन में बीडीएनएफ नामक मस्तिष्क में प्रोटीन को बढ़ावा देने की अद्भुत क्षमताहोती है। यह महत्वपूर्ण प्रोटीन – Brain-derived neurotrophic factor (बीडीएनएफ) मस्तिष्क को बढ़ने में मदद करने के लिए जिम्मेदार है। यह न्यूरॉन्स को बढ़ाने और मस्तिष्क में नए कनेक्शन बनाने के लिए दिखाया गया है – दो चीजें जो हमें वास्तव में आवश्यकता होती हैं क्योंकि हम बड़े हो जाते हैं।

BDNF आपके मस्तिष्क में “सड़क” बनाता है ताकि सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर अधिक आसानी से यात्रा कर सकें जहां उन्हें जाने की आवश्यकता है। यही कारण है कि उच्च BDNF स्तर बेहतर स्मृति और मूड से जुड़े हुए है। और, जब बीडीएनएफ का स्तर कम होता है, तो अल्जाइमर और अवसाद का खतराबढ़ जाता है।

 

हल्दी उज्ज्वल त्वचा को बढ़ावा देती है: उचित पोषण प्रदान करके, यह आपके शरीर को अधिक उज्ज्वल और स्वस्थ दिखने वाली त्वचा का उत्पादन करने में मदद करता है।

हल्दी एक एंटी एजिंग पावरहाउस है। यह देखते हुए कि यह एक एंटीऑक्सीडेंट है – यह ऑक्सीडेटिव क्षति से लड़ सकता है और त्वचा के समग्र रूप को बढ़ावा दे सकता है। यह विरोधी भड़काऊ गुण उम्र बढ़ने त्वचा की उपस्थिति से लड़ने में मदद करते हैं।

2016 में अध्ययनों की एक वैज्ञानिक समीक्षा में पाया गया कि हल्दीमें कई त्वचा की स्थिति में सुधार करने की क्षमता होती हैजब यह या तो त्वचा पर सीधे किया जाता है या सीधे लागू होता है।

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हल्दी करे मूड में सुधार: करक्यूमिन हल्के मूड में बदलाव के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

चूंकि हल्दी में करक्यूमिन मस्तिष्क-बिल्डर प्रोटीन बीडीएनएफ को बढ़ा देता है, इसलिए यह अवसाद को रोकने में मदद कर सकता है। करक्यूमिन मस्तिष्क में सेरोटोनिन और डोपामाइन को भी बढ़ावा दे सकता है। यह उन लोगों की मदद करने के वादे को दर्शाता है, जिनके पास पहले से ही अवसाद भी है।

एक अध्ययन में अवसाद का पता चलने वाले ६० लोगों को या तो प्रोजाक, करक्यूमिन या दोनों का कॉम्बो दिया गया । जिन लोगों ने सिर्फ करक्यूमिन लिया, उनके मूड में प्रोजाक के बराबर सुधारहुआ-जबकि जिन्होंने 6 सप्ताह के अध्ययन के दौरान दोनों को सर्वश्रेष्ठ परिणाम दिए थे ।

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पाचन को शांत करता है: सूजन और कभी-कभी अपच से संबंधित गैस के लक्षणों को कम करता है।

हल्दी का उपयोग आयुर्वेदिक चिकित्सा में सदियों से पाचन में सुधार और आंत की सूजन को ठीक करने के लिए किया जाता रहा है – इसकी प्रकृति के कारण एक विरोधी भड़काऊ के रूप में होने की संभावना है। इसके अलावा हल्दी में करक्यूमिन पित्ताशय की थैली को उत्तेजित करता है, जिससे आपके शरीर को भोजन को तोड़ने और पाचन में सुधार करने के लिए पित्त का उत्पादन करने में मदद करता है।

एक अध्ययन में पाया गया कि हल्दी में अपच वाले लोगों में सूजन और गैस के लक्षणों को कम करने की क्षमता होती है। कुछ शोध से पता चलता है कि करक्यूमिन अल्सर कोलाइटिस वाले लोगों की मदद कर सकता है एक भड़काऊ आंत्र रोग जो पाचन तंत्र में घावों का कारण बनता है।

 

कैंसर के खतरे को कम करता है: करक्यूमिन के कैंसर विरोधी गुण ट्यूमर के विकास को बाधित कर सकते हैं और कैंसर के प्रसार को कम कर सकते हैं।

हल्दी में करक्यूमिन शरीर में कैंसर के विकास को धीमा करने में सक्षम हो सकता है। पशु अनुसंधान यह संकेत करता है कि cucurmin वास्तव में ट्यूमर कोशिकाओं को मारने और ट्यूमर  के विकास को रोकने की क्षमता रखता है। इससे कैंसर कोशिकाओं को शरीर में बढ़ने से रोका जा सकता है।

जब शुरू होने से पहले कैंसर को रोकने की बात आती है, तो एक मानव शोध अध्ययन में पाया गया कि 4 ग्राम दैनिक करक्यूमिन लेने से पेट में प्री-कैंसरस घावों की संख्या ४०% कम हो गई । शोध से पता चलता है कि स्तन, आंत्र, पेट और त्वचा कैंसर में करक्यूमिन सबसे अधिक फायदेमंद है।

करक्यूमिन को पेट के कैंसर के लिए कीमोथेरेपी उपचार बढ़ाने के लिए दिखाया गया है। एक और २०१७ अध्ययन में पाया गया कि करक्यूमिन अग्नाशय के कैंसर में कीमोथेरेपी के लिए ट्यूमर संवेदनशीलता बढ़ाया,यह दर्शाता है कि यह कीमो प्रतिरोध का मुकाबला करने में उपयोगी है ।

हल्दी का इतिहास

हल्दी का उपयोग प्राचीन चिकित्सा में ४,००० से अधिक वर्षों से किया जाता रहा है, जब नई दिल्ली, भारत में प्राचीन बर्तनों में हल्दी के अवशेष पाए गए थे। भारत में उत्पन्न एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेदिक चिकित्सा में आज भी हल्दी का उपयोग किया जा रहा है । यह औषधीय गुण और घटक (मुख्य रूप से करक्यूमिन) हजारों सहकर्मी-समीक्षा और प्रकाशित अध्ययनों का विषय रहा है।

Mulethi ke Fayde Aur Nuksan

हल्दी के 3 अलग-अलग रूप

हल्दी के तीन मूल रूप हैं। प्रत्येक विकल्प के अपने लाभ होते हैं, जो इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसके साथ क्या करना चाहते हैं।

  1. ताजा हल्दी  – आप पूरे खाद्य पदार्थ या अंकुरित की तरह प्राकृतिक खाद्य दुकानों में उपज अनुभाग में ताजा कार्बनिक हल्दी जड़ पा सकते हैं (कुछ पारंपरिक किराने की दुकानों यह भी ले)। ताजा दबाए गए रस में हल्दी डालते समय यह सबसे अच्छा रूप है।
  2. पिसि हुई हल्दी – लगभग हर किराने की दुकान पर मसाला गलियारे में पाया जाता है। यह मसाला सब्जियों और भोजन के लिए सबसे अच्छा रूप है। बस सुनिश्चित करें कि आप कार्बनिक चुनते हैं, क्योंकि कई पारंपरिक मसाले विकिरणित होते हैं और सिंथेटिक कीटनाशकों के साथ उगाए जाते हैं।
  3. हल्दी की खुराक – यह सुनिश्चित करने के लिए सबसे आसान सुनिश्चित करें कि आप अपने आहार में हल्दी दैनिक मिलता है बनाने के लिए सबसे आसान यकीन है कि आग तरीका है।

हल्दी सप्लीमेंट में क्या देखें:

पूरक लेने का प्राथमिक कारण आपके शरीर को पोषक तत्व प्रदान करना है जो आपके सामान्य आहार में पहले से ही प्रचुर मात्रा में नहीं हैं। विडंबना यह है कि हालांकि … यदि आप सावधान नहीं हैं तो पूरक के साथ अपने स्वास्थ्य में नुकसान करना आसान है। हल्दी की खुराक के लिए देखो कि

  • हल्दी रूट और हल्दी एक्सट्रैक्ट दोनों को शामिल करें – आपको आम तौर पर सप्लीमेंट में दो अलग-अलग प्रकार की हल्दी मिलेगी। सबसे पहले हल्दी की जड़, जो साबुत हल्दी का पाउडर रूप है। दूसरा हल्दी निकालने वाला है, जो पूरी हल्दी का केंद्रित रूप है, जो 95% करक्यूमिनॉइड के लिए मानकीकृत है। अधिकांश की खुराक हल्दी जड़ नहीं है, लेकिन वे चाहिए। कुछ शोध से पता चलता है कि हल्दी के सभी घटक (केवल करक्यूमिन नहीं) अकेले करक्यूमिन लेने की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से काम करतेहैं।
  • प्रमाणित कार्बनिक – यह सुनिश्चित करता है कि सामग्री सिंथेटिक कीटनाशकों और अन्य हानिकारक रसायनों के साथ नहीं उगाई गई थी, और यह भी कि उत्पादन के दौरान विषाक्त सॉल्वैंट्स हेक्साने का उपयोग नहीं किया गया  था। यह एक पूरक में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि आप इसे दैनिक उपभोग करेंगे।
  • भारी धातुओं के लिए परीक्षण किया गया – कई उत्पादों और हमारे वातावरण में विषाक्त पदार्थ हैं जो बीमारी का कारण बन सकते हैं। अपने आप को और अपने परिवार को शुद्धतम, सबसे प्राकृतिक उत्पादों (पूरक सहित) के साथ घेरने की कोशिश करें। हल्दी की खुराक है कि पारा, सीसा, कैडमियम, आर्सेनिक, या ग्लाइफोसेट के लिए नियमित रूप से परीक्षण कर रहे हैं के लिए देखो, और है कि एक सहारा 65 चेतावनी लेबल नहीं ले करता है।
  • काली मिर्च होते हैं – करक्यूमिन शरीर द्वारा अपने आप में अच्छी तरह से अवशोषित नहीं होता है। अपने शरीर को सबसे अधिक लाभ प्राप्त करने में मदद करने के लिए, काली मिर्च के साथ इसका सेवन करें, जिसमें  पिपरीन होता है – जो जैव उपलब्धता को 2,000% तक बढ़ा सकताहै! भोजन के साथ अपनी हल्दी की खुराक लेना भी एक अच्छा विचार है, क्योंकि वसा और तेल भी बायोउपलब्धता को बढ़ाता है।
  • डार्क ग्लास में पैक किया गया – आप अनावश्यक रसायनों को अपने हल्दी पूरक को दागी नहीं चाहते हैं और आप हर एक पोषक तत्व को संरक्षित करना चाहते हैं। डार्क (एंबर) कांच की बोतलें हानिकारक रसायनों की नमकीन पानी नहीं है कि प्लास्टिक कर सकते है और उत्कृष्ट यूवी संरक्षण प्रदान करते हैं । यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यूवी किरणें कभी-कभी सामग्री को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
  • अनकोटेड टैबलेट – इससे पूरी गोली निगलने या गन्दा पाउडर को मापने के बजाय व्यंजनों और पेय में हल्दी जोड़ना आसान हो जाता है।
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हल्दी को ठीक से कैसे स्टोर करें

ताजा हल्दी: ताजा हल्दी जड़ को स्टोर करने का सबसे अच्छा तरीका है की इसे आप फ्रिज में रखे। आप पहले हल्दी की जड़ को साफ और पूरी तरह से सुखाना चाहेंगे। फिर जड़ को एक पेपर तौलिया में लपेटकर एयरटाइट कंटेनर में रखें। ताजा हल्दी अगर फ्रिज में रखा जाए तो 1-2 सप्ताह या उससे अधिक समय तक चलेगी।

पिसि हुई हल्दी: हल्दी पाउडर को स्टोर करने के लिए इसे ठंडी, सूखी जगह पर रखना जरूरी है। आदर्श रूप में यह गर्मी या अत्यधिक प्रकाश से दूर कैबिनेट या पेंट्री में रखे।

हल्दी की खुराक: आदर्श रूप में, यूवी सुरक्षा प्रदान करने के लिए, हल्दी की गोलियों को एम्बर ग्लास की बोतल में संग्रहित किया जाना चाहिए। इसे ज्यादा से ज्यादा गर्मी और रोशनी से दूर रखें।

हल्दी के दुष्प्रभाव

हल्दी खाने या सप्लीमेंट लेने से साइड इफेक्ट दुर्लभ होते हैं, लेकिन उनके बारे में जानना जरूरी है। जब हल्दी को उच्च खुराक में लिया जाता है, तो इससे पेट दर्द, चक्कर आना या दस्त हो सकते है। कुछ लोगों को हल्दी से एलर्जी होती है अगर आपको भी ऐलर्जी है तो इसका सेवन ना करें। गर्भावस्था के दौरान, हल्दी की सिफारिश नहीं की जाती है क्योंकि यह गर्भाशय को उत्तेजित करने से जुड़ा होता है।

हल्दी के लिए ज्ञात दवा इंटरैक्शन में ऐसी दवाएं शामिल हैं जो रक्त का थक्का धीमा करती हैं, क्योंकि हल्दी को रक्त के थक्के को धीमा करने के लिए भी जाना जाता है। इसलिए, इस प्रकार की दवाओं जैसे एस्पिरिन, प्लाविक्स, इबुप्रोफेन, नेप्रोक्सेन और वारफेयरिन के साथ हल्दी लेते समय सावधान रहें। हल्दी लेने से पहले हमेशा अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर से जांच कराएं।

Disclaimer

सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय के लिए एक विकल्प नहीं है । हमेशा अधिक जानकारी के लिए किसी विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर से परामर्श करें। The Fit Buddy इस जानकारी की जिम्मेदारी नहीं लेता है।

Haldi ke Fayde हल्दी के फायदे /Haldi ke Fayde हल्दी के फायदे /Haldi ke Fayde हल्दी के फायदे

Haldi ke Fayde हल्दी के फायदे


Mulethi ke Fayde Aur Nuksan

Mulethi पाचन संबंधी मुद्दों, श्वसन संक्रमण, नासूर घावों, यकृत संरक्षण, वजन में कमी, मौखिक स्वास्थ्य को बनाए रखने आदि के लिए आदर्श है। इसके अतिरिक्त यह प्रतिरक्षा, स्मृति में भी सुधार करता है और...

Mulethi पाचन संबंधी मुद्दों, श्वसन संक्रमण, नासूर घावों, यकृत संरक्षण, वजन में कमी, मौखिक स्वास्थ्य को बनाए रखने आदि के लिए आदर्श है। इसके अतिरिक्त यह प्रतिरक्षा, स्मृति में भी सुधार करता है और हार्मोनल विनियमन में सहायता करता है।

Mulethi

Mulethi को आमतौर पर नद्यपान के रूप में जाना जाता है। यह एक हर्बल पूरक है जो बहुत सारी चिकित्सा स्थितियों का इलाज करता है। यह मध्य पूर्वी और एशियाई खाना पकाने में बहुत लोकप्रिय है। अगर सामयिक रूप से इस्तेमाल किया जाए या orally लिया जाए तो इसका काफी स्वास्थ्य लाभ हो सकता है। इसका स्वाद भी अच्छा होता है, इसलिए यह ज्यादातर जगहों पर एक विनम्रता और स्वाद एजेंट बनाता है।

Mulethi का उपयोग मध्य पूर्वी और यूरोपीय देशों में मिठाई और कैंडी जने में स्वाद के रूप में भी किया जाता है। इसके अलावा उन्हें लोक और हर्बल दवाओं के रूप में भी उपयोग किया जाता है। यह 9 से 17 पत्रक के साथ लगभग सात से पंद्रह सेंटीमीटर लंग्स पत्तियों के साथ लगभग 1 मीटर की ऊंचाई तक बढ़ता है। फूल सफेद नीले होते हैं और बहुत हल्के होते हैं, फल आमतौर पर कई बीजों वाले एक आयताकार फली होता है।

Mulethi का पोषण मूल्य

Mulethi में एक मोहक खुशबू है, यह यौगिकों के एक चर और जटिल संयोजन से आता है जिसमें से एनेथोल पूरे पौधे का 3% बनाता है। अधिकांश मिठास ग्लाइसिरिहिजिन नामक पदार्थ से आती है, यह आम तौर पर चीनी की तुलना में 30 से 50 गुना अधिक मीठा होता है। आइसोलावीन ग्लेब्रिडिन लिकरिस की जड़ों में पाया जाता है।

Mulethi के स्वास्थ्य लाभ

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नीचे उल्लिखित Mulethi के सर्वोत्तम स्वास्थ्य लाभ हैं

पाचन समस्याओं को हल करें

mulethi ke fayde Mulethi की जड़ एसिड भाटा, पेट की सूजन, पेट केअल्सर, ईर्ष्या, अम्लता और कब्ज जैसी पाचन समस्याओं के इलाज में बहुत मददगार है। यह हल्के रेचक के रूप में भी कार्य करता है और आंत्र आंदोलनों को नियंत्रित करता है।  Mulethi  में एंटी बैक्टीरियल और एंटी-भड़काऊ गुण होते हैं यही वजह है कि यह पेट की परत में सूजन को कम करने में मदद करता है। ज्यादातर मामलों में,  पेप्टिक अल्सर  भी नियमित आधार पर इस जड़ी बूटी का सेवन करके इलाज किया जाता है।

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श्वसन संक्रमण का मुकाबला करें

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Mulethi जड़ी बूटी  अस्थमा, खांसी, सर्दी,  गले में खराश और अन्य श्वसन बीमारियों का इलाज कर सकती  है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण विशेष रूप से ब्रोंकियल ट्यूबों में सूजन को कम करने में मदद करते हैं।  Mulethi  वायुमार्ग के अंदर बलगम को पतला और ढीला करता है, यह खांसने और भीड़ को आसान बनाता है। कई बार, रोगाणुबल के अधिक उत्पादन के लिए जिम्मेदार होते हैं जिसके परिणामस्वरूप खांसी और सर्दी होती है, Mulethi अपने एंटी बैक्टीरियल गुणों के कारण इन रोगाणुओं को आसानी से साफ कर सकता  है।

कैंकर घावों का इलाज करता है

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Mulethi भी अपने म्यूकोसा हीलिंग और विरोधी भड़काऊ गुणों की वजह से नासूर घावों के इलाज में एड्स । अध्ययनों के अनुसार,  Mulethi ने कुछ हद तक दाद वायरस को सफलतापूर्वक ठीक किया  है। चबाने  वाली Mulethi जड़ी बूटी आसानी से हमारे शरीर में वायरस से लड़ सकती है और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को एक निश्चित सीमा तक मजबूत कर सकती है।

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जिगर की रक्षा करता है

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Mulethi लिवर डैमेज,  नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज,हेपेटाइटिस और  पीलियाजैसे कुछ विकारों का इलाज करने में मदद करता है । इसके अतिरिक्त, इसमें एंटी-भड़काऊ गुण भी होते हैं जो हेपेटाइटिस के दौरान यकृत को शांत करने में मदद करते हैं। कुछ हफ़्ते के लिए दिन में दो बार गर्म चाय  के एक कप में  Mulethi को मिलाने से लिवर शुद्ध हो सकता है और यह बीमारियों से प्रतिरक्षा बना सकता है।

वजन कम करने में मदद करता है

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मोटापा एक गंभीर स्थिति है और इसे पलटना बहुत मुश्किल है। Mulethi  में फ्लेवोनॉइड होते हैं जो शरीर में जमा अत्यधिक वसा को कम करने में मदद करते हैं। अध्ययनों के अनुसार  Mulethi तेल अधिक वजन वाले लोगों में आंत की चर्बी और शरीर की चर्बी को काफी हद तक कम करने में मदद करता है। जो लोग  Mulethi की खुराक का उपभोग करते हैं, वे कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन और बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) में कमी का अनुभव कर सकते हैं। हालांकि  Mulethi  या  नद्यपान कैंडी जको से मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति से बचना चाहिए क्योंकि इसमें  Mulethi के साथ – साथ चीनी की प्रचुर मात्रा होती है.

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मौखिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है

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Mulethi के एंटी-माइक्रोबियल और एंटी बैक्टीरियल गुण बैक्टीरिया के विकास को भी कम कर सकते हैं जो गुहाओं का कारण बनता  है, खराब सांस का मुकाबला करता है, पट्टिका को कम करता है और मसूड़ों और दांतों को स्वस्थ और मजबूत रखता है। सूखे  Mulethi पाउडर का उपयोग हमारे दांतों को ब्रश करने के लिए किया जा सकता है और माउथवॉश जिसमें  Mulethi  होता है, मौखिक स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

प्रतिरक्षा में सुधार करता है

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ज्यादातर मामलों में, Mulethi का उपयोग प्रतिरक्षा में सुधार करने के लिए किया जाता है जो मैक्रोफेज और लिम्फोसाइट्स के उत्पादन में वृद्धि के कारण होता है। ये माइक्रोबियल संक्रमण को रोकने और शरीर के रक्षा तंत्र में सुधार करने में मदद करते हैं। यह प्रतिरक्षा से संबंधित  एलर्जी  प्रतिक्रियाओं और प्रतिरक्षा जटिलताओं को एक निश्चित सीमा तक कम करने में भी सहायता करता है।

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स्मृति मे सुधार करे

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Mulethi की जड़ों का उपभोग करने से अधिवृक्क ग्रंथि को सहायक प्रभाव प्रदान किया जा सकता है जिससे मस्तिष्क उत्तेजना में सहायता मिल सकती है। यह न केवल सीखने में सुधार करता है बल्कि भूलने की बीमारी के प्रभाव को भी कम करता है। हालांकि,  Mulethi स्मृति सुधारके लिए एक डॉक्टर के मार्गदर्शन के तहत इस्तेमाल किया जाना चाहिए ।

हार्मोन विनियमन करें

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Mulethi जड़ों में फाइटोस्ट्रोजेनिक यौगिक होते हैं जो मूड स्विंग, थकावट, गर्म चमक,  रजोनिवृत्ति के लक्षणों और  हार्मोनल असंतुलन की समस्याओं से पीड़ित महिलाओं के लिए फायदेमंद होते हैं। यह  मासिक धर्म की ऐंठन से भी राहत प्रदान करता है और मासिक धर्म के दौरान प्रवाह को नियंत्रित करता है। इसकी वजह  Mulethi का कोर्टिसोल  उत्पादन है जो दिमाग को प्रभावित करता है।

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Mulethi का उपयोग

Mulethi त्वचा को चमकाने का प्रभाव प्रदान करता है, धब्बों को कम करता है, मुँहासे को ठीक करता है,  एक्जिमा  और  त्वचा विशेषज्ञका इलाज करता है, एक प्राकृतिक सनस्क्रीन के रूप में कार्य करता है औरआपकी प्रतिरक्षा प्रणाली की रक्षा करता है। इसका खोपड़ी और बालों पर भी अद्भुत प्रभाव पड़ता है जिसमें बालों के झड़नेको रोकना, डैंड्रफका इलाज करना, बालों के विकास कोबढ़ाना  और समय से पहले गंजा होने का मुकाबला करना शामिल है।

Mulethi के दुष्प्रभाव और एलर्जी

Mulethi उन लोगों को भी कुछ साइड इफेक्टस हो सकते हैं, जिन्हें मटर या फलियां से एलर्जी होती है। इसलिए इसका सेवन उनके द्वारा नहीं करना चाहिए। कभी-कभी,  Mulethi की अत्यधिक खपत भी दुर्लभ मामलों में धुंधली दृष्टि या दृष्टि की अस्थायी हानि का कारण बन सकती है। शरीर में पोटेशियम  और  सोडियम  असंतुलन भी  मुलेठीके सेवन के बाद इलेक्ट्रोलाइट  असंतुलन के कारण हो सकता है।

Mulethi की खेती

Mulethi या  नद्यपान अच्छी तरह से सूखा मिट्टी में पूरी तरह से बढ़ता है जो पूरी तरह से सूरज की रोशनी का अनुभव करने वाली गहरी घाटियों में स्थित है। यह आमतौर पर शरद ऋतु में काटा जाता है, कटाई के 2 से 3 साल बाद।  Mulethi  तुर्की, तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान, अजरबेजान, इराक, पाकिस्तान, चीन, ईरान, अफगानिस्तान, इटली और भारत में बहुतायत से उगाया जाता है ।

Disclaimer

सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय के लिए एक विकल्प नहीं है । हमेशा अधिक जानकारी के लिए किसी विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर से परामर्श करें। The Fit Buddy इस जानकारी की जिम्मेदारी नहीं लेता है।

 


Adrak Ke Fayde अदरक आपके लिए अच्छा क्यों है?

Adrak Ke Fayde अदरक आपके लिए अच्छा क्यों है? लोगों ने प्राचीन काल से ही खाना पकाने और दवा में अदरक का इस्तेमाल किया है। यह मतली, पेट दर्द, और अन्य स्वास्थ्य मुद्दों के लिए एक लोकप्रिय घरेलू उपाय है। लोग...

Adrak Ke Fayde अदरक आपके लिए अच्छा क्यों है?

लोगों ने प्राचीन काल से ही खाना पकाने और दवा में अदरक का इस्तेमाल किया है। यह मतली, पेट दर्द, और अन्य स्वास्थ्य मुद्दों के लिए एक लोकप्रिय घरेलू उपाय है।

लोग आम तौर पर खाना पकाने में ताजा या सूखे अदरक का उपयोग करते हैं, और कुछ अपने संभावित स्वास्थ्य लाभों के लिए अदरक की खुराक लेते हैं।

अदरक में एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पोषक तत्व  गठिया,  सूजनऔर विभिन्न प्रकार के संक्रमण को रोकने या इलाज करने में मदद कर सकते हैं। शोधकर्ताओं ने  मधुमेह,  कैंसर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने की अपनी क्षमता का भी अध्ययन कियाहै।

इस आर्टिकल में अदरक के संभावित स्वास्थ्य लाभों और उनके पीछे के शोध के बारे में और जानें।

अदरक के स्वास्थ्य लाभ

अदरक में एंटी-इंफलमटोरी , एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और अन्य स्वास्थ्यवर्धक गुण हो सकते हैं। नीचे अदरक के कुछ संभावित औषधीय उपयोग बताए गए हैं।

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गैस को कम करना और पाचन में सुधार करता है

कई अध्ययनों ने पाचन के दौरान आंतों के पथ में रूप में होने वाले गैसों पर अदरक के प्रभावों की जांच की है।

कुछ शोध बताते हैं कि अदरक में एंजाइम शरीर को तोड़ने और इस गैस को निष्कासित करने में मदद कर सकते हैं, जिससे किसी भी परेशानी से राहत मिल सकती है।

अदरक में एंजाइम  ट्राइप्सिन और अग्नाशय के लिपेस पर भी लाभकारी प्रभाव पड़ता दिखाई देता है, जो पाचन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

इसके अलावा, अदरक पाचन तंत्र के माध्यम से आंदोलन को बढ़ाने में मदद कर सकता है, यह सुझाव देता है कि यह कब्ज को राहत दे सकता है या रोक सकता है।

Castor Oil in Hindi |अरंडी तेल के लाभ और इसका उपयोग

मतली से राहत देता है

कुछ शोध से पता चलता है कि अदरक सुबह की बीमारी को कम करने और कैंसर के इलाज के बाद मतली को राहत देने में मदद कर सकता है ।

2010 से एक छोटे से अध्ययन में कीमोथेरेपी से गुजरने वाले 60 बच्चों और युवा वयस्कों में मतली पर अदरक रूट पाउडर की खुराक  chemotherapy के प्रभावों की जांच की गई। विश्लेषण से पता चला है कि पूरक के कारण ज्यादातर लोगों में मतली कम हो गई, जिन्होंने इसे लिया ।

अध्ययन की एक 2011 समीक्षा के लेखक इसी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचे । उन्होंने बताया कि अदरक निकालने के 1,500 मिलीग्राम की एक विभाजित दैनिक खुराक लेने से मतली के लक्षणों को कम करने में मदद मिली ।

उन्होंने मतली और अन्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल मुद्दों पर अदरक के प्रभावों को पूरी तरह से समझने के लिए मनुष्यों में आगे के अध्ययन का भी आह्वान किया ।

सर्दी या फ्लू से राहत दे

बहुत से लोग अदरक का उपयोग सर्दी या फ्लू से उबरने में मदद करने के लिए करते हैं। हालांकि, इस उपाय का समर्थन करने वाले सबूत ज्यादातर वास्तविक है।

2013 में शोधकर्ताओं  ने मानव कोशिकाओं में एक श्वसन वायरस पर ताजा और सूखे अदरक के प्रभावों का अध्ययन किया ।

परिणामों से संकेत मिला कि ताजा अदरक श्वसन प्रणाली की रक्षा करने में मदद कर सकता है, जबकि सूखे अदरक का एक ही प्रभाव नहीं था।

इसके अलावा 2013 में, एक छोटे से अध्ययन  के लिए एक ठंडा या फ्लू के इलाज के रूप में हर्बल चिकित्सा की लोकप्रियता की जांच बाहर सेट ।

दो अलग स्थानों में मतदान ३०० फार्मेसी ग्राहकों के बाद, शोधकर्ताओं ने निर्धारित किया है कि सर्वेक्षण में ६९% हर्बल दवा का इस्तेमाल किया और इस समूह के अधिकांश यह प्रभावी पाया ।

हालांकि, जबकि अदरक इन उपचारों में सबसे लोकप्रिय अवयवों में से एक था, कुछ प्रतिभागियों ने इसका इस्तेमाल नहीं किया होगा।

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दर्द से राहत

एक छोटे से अध्ययन के पीछे शोधकर्ताओं, जिसमें ७४ स्वयंसेवक शामिल थे, ने पाया कि कच्चे या गर्म अदरक की 2 ग्राम की दैनिक खुराक ने व्यायाम-प्रेरित मांसपेशियों के दर्द को लगभग 25% तक कम कर दिया ।

इस बीच, अध्ययनों की एक 2016 समीक्षा निष्कर्ष निकाला है कि अदरक dysmenorrhea को कम करने में मदद कर सकते है-दर्द सही पहले या मासिक धर्म के दौरान । हालांकि, लेखक स्वीकार करते हैं कि शामिल अध्ययन अक्सर छोटे या खराब गुणवत्ता के थे।

सूजन को कम करें

शोधकर्ताओं के एक समूह ने निष्कर्ष निकाला कि मुंह से अदरक लेना ऑस्टियोआर्थराइटिस की वजह से सूजन के इलाज के लिए “विनय प्रभावोत्पादक और यथोचित रूप से सुरक्षित” है ।

हालांकि, उन्होंने कहा  कि उनके मेटा-विश्लेषण में शामिल अध्ययन छोटे थे और आम आबादी का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते हैं।

इस बीच, 16 नैदानिक परीक्षणों की एक 2018 समीक्षा निर्धारित किया है कि अदरक में फाइटोकेमिकल गुण सूजन का मुकाबला कर सकते हैं । इन लेखकों ने सबसे प्रभावी खुराक और अदरक निकालने के प्रकारों में आगे अनुसंधान के लिए भी कहा।

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हृदय स्वास्थ्य का समर्थन करें

कुछ सबूत है कि अदरक निकालने हृदय रोग के साथ मदद कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, एक समीक्षा में पाया गया कि 5 ग्राम या उससे अधिक की खुराक महत्वपूर्ण, फायदेमंद एंटीप्लेटलेट गतिविधि का कारण बन सकती है।

लेखकों को स्वीकार करते है कि कई उनके विश्लेषण में शामिल जांच मानव प्रतिभागियों को शामिल नहीं किया या कि प्रतिभागी संख्या भी विश्वसनीय परिणाम सुनिश्चित करने के लिए छोटे थे ।

हालांकि, उनका सुझाव है कि, आगे के शोध के साथ, अदरक हृदय रोग के लिए उपचार का एक सुरक्षित रूप साबित हो सकता है ।

इस बीच, एक छोटे से अध्ययन में पाया गया कि अदरक निकालने में मदद की मधुमेह के साथ चूहों के बीच दिल असामान्यताओं की घटना को कम । लेखकों ने कहा कि इस कमी, भाग में, निकालने के एंटीऑक्सीडेंट गुणों से स्टेम हो सकता है ।

कैंसर के जोखिम को कम करें

अदरक प्रोटीन या अन्य पोषक तत्व प्रदान नहीं करता है, लेकिन यह एंटीऑक्सीडेंट का एक उत्कृष्ट स्रोत है। अध्ययनों  से पता चला है कि, इस कारण से, अदरक विभिन्न प्रकार के ऑक्सीडेटिव  तनाव को कम कर सकता है।

ऑक्सीडेटिव तनाव तब होता है जब बहुत सारे मुक्त कण शरीर में निर्माण करते हैं। मुक्त कण चयापचय और अन्य कारकों द्वारा उत्पादित जहरीले पदार्थ हैं।

शरीर को मुक्त कणों को खत्म करने की जरूरत है ताकि उन्हें सेलुलर क्षति पैदा करने से रोका जा सके जो कैंसर सहित कई बीमारियों का कारण बन सकता है। आहार एंटीऑक्सीडेंट  शरीर को मुक्त कणों से छुटकारा पाने में मदद करते हैं।

2013 के एक परीक्षणमें, शोधकर्ताओं ने 20 प्रतिभागियों को या तो 2 ग्राम अदरक या 28 दिनों के लिए एक प्लेसबो दिया। प्रतिभागियों को कोलोरेक्टल कैंसर विकसित होने का खतरा अधिक था।

बायोप्सी से पता चला है कि जिन प्रतिभागियों ने अदरक का सेवन किया था, उनमें स्वस्थ पेट के ऊतकों में कम नकारात्मक परिवर्तन हुए थे। इस समूह ने सेलुलर प्रसार को भी कम किया था । निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि अदरक कोलोरेक्टल कैंसर को रोकने में भूमिका निभा सकता है ।

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अदरक के पोषण तत्व

अदरक एंटीऑक्सीडेंट का एक अच्छा स्रोत है, लेकिन यह कई विटामिन, खनिज, या  कैलोरी प्रदान नहीं करता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के कृषि विभाग के अनुसार, अदरक के 2 चम्मच केवल 4 कैलोरी प्रदान करते हैं। यह मात्रा किसी भी पोषक तत्व की एक महत्वपूर्ण मात्रा प्रदान नहीं करता है।

अदरक के जोखिम

खाद्य एवं औषधि प्रशासन  (FDA) अदरक को आहार में शामिल करने के लिए सुरक्षित मानता है, लेकिन वे दवा या पूरक के रूप में इसके उपयोग की गारंटी या विनियमित नहीं करते हैं।

शोधकर्ताओं ने अदरक के कई यौगिकों की जांच नहीं की है। इसके अलावा, वैज्ञानिक सबूत अदरक के उपचार गुणों के बारे में कुछ दावों का समर्थन नहीं करता है ।

आहार में अधिक अदरक जोड़ने या अदरक का पूरक लेने से पहले, एक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करें। एक पूरक दवाओं के साथ बातचीत कर सकता है या अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकता है।

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इस पाठ का सार

कुछ शोध इंगित करता है कि अदरक पाचन स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है, सूजन को कम कर सकता है, और दर्द को दूर कर सकता है, अन्य लाभों के बीच।

हालांकि, अध्ययन अक्सर अर्क के उच्च खुराक का उपयोग करते हैं – एक व्यक्ति को अपने आहार में अदरक जोड़ने से सकारात्मक स्वास्थ्य प्रभाव का अनुभव नहीं हो सकता है।

इसके अलावा, अदरक के स्वास्थ्य लाभों की जांच करने वाले अध्ययन अक्सर छोटे या अनिर्णायक रहे हैं। अदरक की खुराक के प्रभाव और सुरक्षा को पूरी तरह से समझने के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: क्या अदरक गर्भावस्था के दौरान लेने के लिए सुरक्षित है?

उत्तर : एक  मेटा विश्लेषण अदरक को गर्भावस्था के दौरान मतली का प्रबंधन करने के लिए एक सुरक्षित तरीका दिखाया गया है । यह गर्भावस्था के नुकसान या ईर्ष्या या थकान जैसे लक्षणों का खतरा बढ़ाने के लिए प्रकट नहीं होता है।

प्रति दिन 1,500 मिलीग्राम से कम अदरक निकालने का लक्ष्य रखें। अदरक चाय के रूप में या चबाने या कठोर कैंडी के रूप में भी उपलब्ध है।

 

Disclaimer

सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय के लिए एक विकल्प नहीं है । हमेशा अधिक जानकारी के लिए किसी विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर से परामर्श करें। The Fit Buddy इस जानकारी की जिम्मेदारी नहीं लेता है।

 


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